Big Breaking - Varanasi ( Imp kashi vishwanath temple)
रिपोर्ट - हरेंद्र शुक्ला
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से साउथ इंडियन दर्शनार्थियों का 17 मोबाइल और स्मार्टवॉच लेकर उच्चका हुआ फरार
साउथ इंडियन ग्रुप को दर्शन कराने के नाम पर हुई उचक्कागिरी
मंदिर के लॉकर की बजाए खुद गमछे में लेकर कॉरिडोर में रह गया अवांछनीय तत्व
तीर्थयात्रियों के मंदिर में प्रवेश करते ही सभी मोबाइल लेकर हुआ फरार
हैरान-परेशान होकर तीर्थयात्रियों ने विश्वनाथ मंदिर पुलिस से की शिकायत
शातिर उच्चके ने सभी 17 मोबाइल का किया स्विच ऑफ
इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देख पुलिस कर रही तलाश।सीसीटीवी कैमरे में काला शर्ट और ग्रे कलर की टोपी पहने उच्चका नारंगी गमछे में मोबाइल लेकर जाते दिखा
चौक थाना और दशाश्वमेध थाने की पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी फुटेज
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कई पुलिस टीमें उच्चके की कर रही है तलाश
आखिर जिसका डर था वही हुआ .... जिन अवैध गाइडों को लेकर तीर्थ पुरोहितों से लेकर आम जनमानस तक ने एक स्वर में यह आवाज़ मुखर की थी कि इलाके में ऐसे अवैध गाइडों की भरमार हो गई है जिनकी न तो बॉडी लैंग्वेज सही है और न ही उनकी कारस्तानी।
ऐसे अवैध और अवांछनीय तत्वों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। लेकिन पुलिस-प्रशासन ने एक न सुनी। नतीजा, आज की इस बड़ी वारदात के रूप में सामने आया।
हुआ यूं कि बाबा काशी विश्वनाथ और माता विशालाक्षी मन्दिर में अधिकार न होते हुए भी दर्शन कराने के नाम पर उक्त अवैध गाइड ने तमिलनाडु से आए करीब 40 लोगों के ग्रुप से डील तय की।
विशालाक्षी मन्दिर में दर्शन करने के बाद ग्रुप बाबा के दर्शन करने के लिए लाहौरी टोला के रास्ते कॉरिडोर में पहुंचा।
वहाँ उस अवैध गाइड ने पहले तो चिकनी-चुपड़ी बातें करके यात्रियों को अपने विश्वास में लिया, फिर चप्पल वहीं खुलवाकर मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को बजाय लॉकर में रखवाने के अपने गमछे में यह कहकर रखवा लिया कि वह यहीं रहकर उनका इंतज़ार कर रहा है,तब तलक वे दर्शन करके आएं।
अवैध गाइड के भोलेपन और चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसकर यात्रियों ने उस पर विश्वास करके अपनी डिजिटल घड़ी, 17 एंड्रॉइड मोबाइल और अन्य सामान उसके हवाले करके मन्दिर की ओर चले गए।इधर, उनके जाने के दस मिनट बाद अवैध गाइड उनके मोबाइल लेकर फरार हो गया।
परेशान यात्रियों ने की विश्वनाथ मंदिर प्रशासन से शिकायत
करीब डेढ़ घण्टे बाद यात्रियों का दल जब वापस उस स्थान पर पहुंचा, तो वहां उनके चप्पल तो मिले लेकिन गाइड नहीं मिला। यह सोचकर कि गाइड कुछ खानेपीने इधर-उधर कहीं गया होगा,उन्होनें उसका दो घण्टे इंतज़ार किया। इस बीच उनमें से एक - दो यात्रियों ने स्थानीय लोगों से मोबाइल लेकर अवैध गाइड को दिए मोबाइलों पर फोन मिलाना शुरू किया, मगर हर एक बार , हर एक नंबर बन्द मिला। हार मानकर यात्रियों ने ज्ञानवापी कंट्रोल रूम जाकर इसकी शिकायत की।
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस कर रही गाइड की तलाश
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मुआयना करने के साथ ही उस अवैध गाइड की काफी तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज देखा तो उसमें काला कपड़ा पहने और ग्रे टोपी लगाए हाथ में गमछे की पोटली लेकर जाते अवैध गाइड दिखा तो यात्रियों ने उसे पहचान लिया। पुलिस ने दशाश्वमेध और चौक थाने की पुलिस को उक्त सीसीटीवी फुटेज भेजकर उसकी तलाश शुरू कर दी है। साथ ही यात्रियों के नंबर को भी सर्विलांस पर डालकर लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास कर रही है।


