रिपोर्ट -प्रियंका तिवारी
काशी में गंगा उफान पर सभी घाट डूबे : गलियों में चलने लगी नाव
बनारस में ख़तरे का निशान छूने को बेताब है गंगा मणिकर्णिका घाट पर नावों के सहारे हो रहा है शवदाह
अस्सी और मणिकर्णिका की गलियों में चलने लगी नाव
बाढ़ प्रभावित इलाकों का जिलाधिकारी ने किया दौरा, बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचे 1280 लोग
वाराणसी में करीब 20 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित
वाराणसी में मौजूदा समय में केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सायं 3 बजे तक गंगा ख़तरे के निशान के करीब 70.288 मीटर पर बह रही है, खतरे का निशान 71.262 मीटर है।
बनारस में सोमवार को गंगा 8 सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रही है
वाराणसी में चेतावनी बिंदु पार करने के बाद खतरे के निशान के करीब बढ़ी गंगा के रौद्र रूप को लेकर लोग सकते में आ गए हैं। मारुति नगर में गंगा सड़क पर बहने लगी। जबकि, महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की गलियों में नावें चलने लगीं। यहां अंतिम संस्कार के लिए शवों को नावों से श्मशान घाट तक पहुंचाया जा रहा है। सामनेघाट, वरुणापार, बेटावर इलाके में भी गंगा अब सड़क पर बहने लगी हैं। वरुणापार इलाके में लोग सुरक्षित ठिकाना ढूंढने लगे हैं। काशी के 84 घाटों को डुबोने के बाद गंगा का रुख अब बस्तियों की ओर हो गया है।
नाव से शव ले जाने का 300 रुपये किराया
मणिकर्णिका घाट पर शवदाह करने आए यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घाट पर शवों की कतार गली तक लगी हुई है। नाव से शव को बारी-बारी से घाट की छत पर पर शवदाह के लिए ले जाया जा रहा है। गली से अंत्येष्टि स्थल तक शव ले जाने के लिए यात्रियों से 200 से 300 रुपए लिए जा रहे हैं।
पांच से छह घंटे का करना पड़ रहा इंतजार
बाढ़ के कारण शवदाह करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरिश्चंद्र घाट पर जहां गलियों में शवदाह हो रहा है। वहीं मणिकर्णिका घाट की छत पर शवदाह हो रहा है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए पांच से छह घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है।
हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल डूबने के कारण गलियों में शवदाह के लिए लाइन लग रही है। नमो घाट पर बना नमस्ते का चिह्न भी पानी में आधे से अधिक डूब चुका है। गंगा का जलस्तर रमना में दाह संस्कार स्थल के करीब पहुंच गया है।
वाराणसी में लगातार गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट के शवहदाह स्थल जलमग्न हो चुके हैं, इसके चलते घाट की छत पर शवदाह किया जा रहा है तो गंगा आरती भी दशाश्वमेधं सहित विभिन्न घाटों की छतों पर पहुंच चुकी है।तेज लहरों के साथ बहाव व उफान के कारण गंगा में क्रूज के साथ ही छोटी-बड़ी नावों का संचालन बंद कर दिया गया है। जल पुलिस एहतियातन नजर रख रहे हैं।


