एसआईटी ने सौंपी एसएसपी को जांच रिपोर्ट
11 सितंबर को पुलिस ने फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज की फ्रेंचाइजी देने वाले सरगना को गिरफ्तार किया था
एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 40 जनपदों में 109 कॉलेज संचालित
गोरखपुर। पुलिस ने प्रदेश भर में फर्जी पैरामेडिकल इंटीट्यूट की फ्रेंचाइजी देने वाले गिरोह के सरगना आगरा के थाना शाहगंज, गणेश नगर निवासी पंकज पोरवाल पुत्र सुरेन्द्र बाबू गुप्ता को गुलरिहा पुलिस ने 11 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित कर फर्जीवाड़े की जांच में लगाया था। शुक्रवार को एसआईटी ने एसएसपी को मामले में रिपोर्ट सौंपी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा गौरव ग्रोवर ने एएसपी मानुष पारीक के साथ शुक्रवार प्रेस वार्ता कर एसआईटी रिपोर्ट सांझा किया। उन्होंने बताया की टीम ने आरोपी के आगरा के ऑफिस से दो कंप्यूटर बरामद किए हैं साथ ही तमाम कागजात भी बरामद किए है जिनसे पता चला की प्रदेश के 40 जनपदों में कुल 109 कॉलेज संचालित हैं। पुलिस ने आरोपियों के चार बैंक खातों को सीज किया है जिसमे लगभग 15 लाख रुपए जमा है ये खाते आरोपी और उसकी पत्नी कंचन पोरवाल के संयुक्त और एकल खाते हैं, साथ ही आरोपी ने षड्यंत्र से अर्जित धन से आगरा में 5 संपत्तियां क्रय की गई हैं जिसे पुलिस ने चिन्हित किया है। साथ ही सभी जनपदों को मामले की सूचना भेज दी गई हैं। एसएसपी ने बताए की अभी जांच चल रही है।
क्या है पूरा मामला
सरगना पंकज पोरवाल ने बकायदा आगरा के शाहगंज में “अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट” के नाम से बोर्ड ऑफिस खोल रखा था। जिसका पंजीकरण वर्ष 2013 में एनसीटी दिल्ली चिट फन्ड से रजिस्ट्रेशन कराया गया था, जिसमे 13 पदाधिकारी है और सभी उसके परिवार के सदस्य या मित्र हैं। इसके बाद बतौर सोसाइटी बायलॉज बनवाकर प्रदेश भर में पैरामेडिकल इंटीट्यूट खोलने के लिए फ्रेचाइजी देने लगा। फ्रेन्चाईजी देने के लिए 3 से 4 लाख रुपये सम्बन्धित पैरामेडिकल कालेज से लेता था साथ ही प्रत्येक छात्र /छात्रा की प्रवेश फीस व परीक्षा फीस में से 30 प्रतिसत स्वयं ले लेता था। इन कॉलेजों में एएनएम, जीडीए, मेडिकल ड्रेसर, सीएमएस एंड ईडी, डीएमएलटी, डीएमआरटी, एक्स रे, ईसीजी, सीएमएलटी, डेंटल नर्शिंग, डेंटल हाइजीनिस्ट, डीओटी, डायलिसिस टेक्नीशियन, डिप्लोमा इन हेल्थ सैनिटरी, अप्थलमी असिस्टेंट, डीपीटी, एचडीएचएम, आदि कोर्स कराने के नाम पर मोटी रकम लेकर अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट व आयुष पैरामेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया के नाम से अवैध व कूटरचित अंक पत्र व प्रमाण पत्र दे देते थे। अपने बचाव के लिए छात्र छात्राओं से प्रवेश के समय ही सपथ पत्र ले लेते थे। जिसकी सत्यता छात्र अथवा छात्रा नही जानते थे। इस प्रकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था। बताया की सभी कोर्स बिना किसी विधिक मान्यता के कराया जा रहा था जिसकी कोई भी शासकीय व गैर शासकीय संस्था मे विधिक मान्यता नही है व जारी अंक पत्र व प्रमाण पत्र अवैध व कूटरचित है । आरोपी पैरामेडिकल बोर्ड संचालित करने के लिए किसी भी सक्षम मेडिकल फैक्लटी के प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति/रजिस्ट्रेशन प्राप्त नही किया गया है।
ये हैं 13 पदाधिकारी
अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट का एनसीटी दिल्ली में चिट फन्ड से रजिस्ट्रेशन कराया गया था, जिसमें कुल 13 पदाधिकारी है जिनका पंकज पोरवाल सम्बन्ध है-
इन्दीवर पोरवाल-भाई , कंचन पोरवाल -पत्नी,जयवीर प्रसाद -चाचा , अनिरुद्ध कुमार -मित्र, नरेश कुमार -मित्र, निखिल कुमार -मित्र, कमलकान्त -मित्र, कुलदीप वर्मा -मित्र, सुरेन्द्र कुमार मित्र, रुची गुप्ता -सहयोगी, दर्शन कुमार खट्टरी -मित्र, प्रेमचन्द्र -मित्र, मोहित कुमार -मित्र

