Type Here to Get Search Results !
विज्ञापन 

बस्ती में 50वीं जूनियर बालक जोन सी ओपन स्टेट कबड्डी चैम्पियनशिप का भव्य शुभारंभ

 बस्ती में 50वीं जूनियर बालक जोन सी ओपन स्टेट कबड्डी चैम्पियनशिप का भव्य शुभारंभ

मनीष मिश्रा की पहल से गांव की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच, जीडी मिश्रा व संजय मिश्रा ने की प्रयासों की सराहना


बस्ती। पहल संस्थान के अध्यक्ष मनीष मिश्रा के नेतृत्व एवं पहल पर आयोजित 50वीं जूनियर बालक जोन सी ओपन स्टेट कबड्डी चैम्पियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन सतीश चन्द्र त्रिपाठी संजय मिश्रा जीडी मिश्रा ने किया। दो दिवसीय डे-नाइट आयोजन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कुल 16 टीमें प्रतिभाग कर रही हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ से खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल रहा और अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर संजय मिश्रा ने कहा कि मनीष मिश्रा का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं, बल्कि बस्ती की स्थानीय खेल प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बस्ती को “बेस से स्पेस तक” ले जाने के लिए स्थानीय खेलों और स्थानीय खिलाड़ियों को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बड़े और बेहतर मंच की जरूरत है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

जीडी मिश्रा ने कहा कि मनीष मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित यह प्रतियोगिता गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रयास होना चाहिए कि गांवों में खेले जाने वाले खेल और वहां के प्रतिभाशाली खिलाड़ी केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिले। कबड्डी जैसे पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेल को बढ़ावा देकर युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।


विकास सिंह अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष कबड्डी एसोसिएशन ने कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे उनमें अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। मनीष मिश्रा की पहल से आयोजित यह प्रतियोगिता ग्रामीण एवं स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच प्रदान कर रही है।

कार्यक्रम में ओम पाण्डेय ने कहा कि मनीष मिश्रा जो कहते हैं, उसे करके दिखाते हैं। वह बस्ती के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बिना किसी पद और प्रोटोकॉल के समाजसेवा किस तरह की जाती है, इसे मनीष मिश्रा के कार्यों से सीखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मंच उपलब्ध कराना समाजहित का महत्वपूर्ण कार्य है।

सतीश चन्द्र त्रिपाठी ने अन्य अतिथियों के साथ खिलाड़ियों का परिचय प्राप्त करने के बाद कहा कि बस्ती में मनीष मिश्रा ने खेल एवं युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के क्षेत्र में एक लंबी रेखा खींच दी है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय डे-नाइट प्रतियोगिता में गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, अयोध्या, बस्ती, अंबेडकर नगर, गोंडा, लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी हॉस्टल और सिद्धार्थनगर की कुल 16 टीमें प्रतिभाग कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतियोगिता से जुड़े सदस्यों के भोजन, पुरस्कार, खेल मैदान तथा उद्घाटन और समापन समारोह सहित आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर आयोजकों द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। इस तरह के आयोजन युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, टीमवर्क और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को मजबूत करते हैं।

प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य बस्ती और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को पहचान दिलाना तथा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं बड़े मंच की ओर आगे बढ़ाना है। आयोजकों का मानना है कि यदि स्थानीय खिलाड़ियों को लगातार अवसर मिलते रहें तो बस्ती के खिलाड़ी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।

प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर आलोक पाण्डेय, इस्तियाक हुसैन, ओम जी पाण्डेय, शिवेंद्र पाण्डेय एवं अमरेश पाण्डेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। आयोजन के दौरान खिलाड़ियों एवं खेलप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

मनीष मिश्रा की इस पहल को बस्ती में खेल प्रतिभाओं को मंच देने और युवाओं को सकारात्मक दिशा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रतियोगिता के माध्यम से आयोजकों का प्रयास है कि गांवों की प्रतिभा को पहचान मिले और बस्ती के खिलाड़ी आगे चलकर जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनपद का नाम रोशन करें।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.